मंदसौर। सीतामऊ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धानड़ाखेड़ा से सत्ता के रसूख और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच पति ने एक गरीब हितग्राही का प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा फर्जीवाड़ा कर हड़प लिया। इस मामले में जनपद पंचायत सीतामऊ से जो जानकारी निकल कर सामने आई है, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पीड़ित किशोर पिता नरसिंग रेबारी, उम्र 20 वर्ष, निवासी रावतखेड़ा, तहसील सुवासरा ने कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सीतामऊ को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित की शिकायत पर जब जनपद स्तर से मामले की पड़ताल की गई तो सामने आया कि पीड़ित के नाम पर स्वीकृत PM आवास योजना की राशि उसके निजी खाते में एक बार भी नहीं आई। सारी किश्तें दूसरी जगह जा रही थीं। पीड़ित का स्पष्ट कहना है कि उसे आज तक योजना का 1 रुपया भी नहीं मिला है।
पीड़ित का कथन -
"सरपंच पति गोविन्द मेरे घर आया था, बोला समग्र ID की e-KYC करनी है। मेरे से आधार कार्ड, फोटो ले लिए और कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। बाद में पता चला वो फिनो पेमेंट्स बैंक में खाता खोलने का फॉर्म था। मेरा PM आवास का सारा पैसा उसी फर्जी खाते में डाला गया और ATM से निकाल लिया गया। जब पैसे मांगे तो गाली-गलौज कर धमकाया।"
e-KYC के नाम पर फर्जी खाता, ATM से निकाली राशि का आरोप
आवेदन के अनुसार, गांव की वर्तमान सरपंच के पति पर आरोप है कि उन्होंने समग्र e-KYC के नाम पर पीड़ित से दस्तावेज लिए और फिनो पेमेंट्स बैंक में खाता खोल दिया। आरोप है कि उस खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक कर ATM कार्ड भी खुद रख लिया और जब PM आवास की किश्तें उस फर्जी खाते में आईं तो पूरी राशि धोखाधड़ी कर ATM से निकाल ली।
पीड़ित के अनुसार उसका निजी खाता AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में है, जिसमें आवास की राशि आनी थी, लेकिन राशि नहीं आने पर पंचायत में पता करने पर फिनो बैंक वाले फर्जी खाते का खुलासा हुआ।हालांकि जनपद से मिले शुरुआती दस्तावेज और पीड़ित के बैंक स्टेटमेंट पीड़ित के दावे को मजबूत करते दिख रहे हैं।
कलेक्टर जनसुनवाई के बाद भी कार्रवाई नहीं, अब क्या करेगा विभाग?
सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर है। पीड़ित कलेक्टर जनसुनवाई में भी शिकायत कर चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पीड़ित दर-दर भटकने को मजबूर है।
अब जनपद पंचायत सीतामऊ ने मामले को गंभीरता से लिया है। पीड़ित के आवेदन के बाद CEO जनपद द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं।
अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में आरोपी सरपंच पति के खिलाफ क्या एक्शन लेता है? क्या सरपंच पति पर FIR दर्ज कर पंचायती राज अधिनियम के तहत पद से हटाने की कार्रवाई होगी? और सबसे अहम, गरीब पीड़ित को उसकी हड़पी गई PM आवास की पूरी राशि कब तक वापस मिलेगी? प्रशासन की अगली कार्रवाई पर पूरे जिले की नजर टिकी है।


0 Comments