आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए भटकना नहीं होगा

नई दिल्ली।आधार कार्ड में व्याप्त त्रुटियां सुधरवाना आसान काम नहीं है। कई लोग तो चक्कर काटकर थक गए हैं। अब तक इस काम के लिए पोस्ट ऑफिस, सरकारी और निजी बैंकों के साथ ही कुछ प्राइवेट सर्विस सेंटर बनाए गए थे। इसके बाद भी लोग परेशान थे, क्योंकि कुछ संस्थान इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। शिकायतें बढ़ने पर भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राधिकारण (यूआईडीएआई) ने इस मामले को गंभीरता से लिया। अब उसने पूरे देश में आधार कार्ड अपडेशन के लिए करीब 20 हजार कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की इजाजत दे दी है। इनमें से 500 सेंटर मध्यप्रदेश में खोले जाने हैं। इनका काम आधार कार्ड की गलतियाें को सुधारने का रहेगा। इससे बैंक-पोस्ट ऑफिस का बोझ कम होगा और आधार कार्ड अपडेट करने के काम में तेजी आएगी। पोस्ट ऑफिस और बैंकों में जो कर्मचारी नियमित काम कर रहे हैं, उन्हीं पर आधार कार्ड अपडेट करने की जिम्मेदारी है। ऐसे में वहां के काम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं आधार कार्ड के काम के लिए बढ़ती वेटिंग भी समस्या पैदा कर रही है। हालत यह है कि कर्मचारी पहले टोकन देते हैं, फिर काम करते हैं। इसके बाद शाम को दो-तीन घंटे डाटा अपडेट करने में लगता है। अधिकारियों के अनुसार सामान्य सेवा केन्द्रों पर आधार कार्ड चार-पांच मिनट में अपडेट हो जाएगा। इसके लिए व्यक्ति का सत्यापन बायोमेट्रिक मशीनों से होगा। वर्तमान में देश में करीब तीन लाख सीएससी काम कर रहे हैं। अब 20 हजार नए सीएससी खुलने से लोगों को भीड़ से निजात मिलेगी। साथ ही उनका समय और पैसा भी बचेगए।पूरे देश में आधार कार्ड अपडेट करने के लिए लगभग 15 लाख लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पहले इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके बाद नए कॉमन सर्विस सेंटर पर इनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। सबसे ज्यादा आधार कार्ड अपडेशन का काम ग्रामीण इलाकों में होना है।
मप्र समेत पूरे देश में करीब 20 हजार नए सीएससी खोले जाने हैं। अभी तीन लाख सेंटर काम कर रहे हैं। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू हो जाएगा। हमारा मकसद लोगों के आधार की खामियों को जल्द से जल्द दूर करना है। उन्हें आधार में त्रुटि सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
डॉ. दिनेश त्यागी, सीईओ, कॉमन सर्विस सेंटर

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