इंदौर।क्राईम ब्रांच की टीम को मुखबिर तंत्र के माध्यम से वन्य जीव प्राणी की तस्करी के संबंध में सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति एबी रोड वैष्णव ढाबे के पास कपडे के थैले में दो मुँहा सांप लेकर बढ़ी कीमत में बाजार में बेचने के लिए सौदागरों की तलाश में निकले है।उपरोक्त प्राप्त सूचना पर क्राईम ब्रांच की टीम वन विभाग के अधिकारी/ कर्मचारियों को अवगत कराते हुए रवाना होकर मुखबिर के बताए स्थान ग्राम भाटखेडी वैष्णव ढाबे के पास पहुँची जहाँ पर टीम के एक सदस्य को ग्राहक बनाकर नोट की गड्डी देकर उनके पास भेजा जिसने विशाल राजपतू से बात की जिसमें विशाल राजपूत द्वारा उक्त दो मुहाँ सांप को 25 लाख रुपये मे देने का बताया तथा नोटो की गड्डी देख ली तब उसने अपने भाई राहुल राजपूत एवं अन्य साथी दिलीप नायक को आवाज लगाई कि इन्हे खोलकर दिखाओ, तब उसके भाई राहुल राजपूत एवं साथी दिलीप ने नीले रंग की थैली को खोलकर दिखाया। ग्राहक बनकर पँहुचे पुलिस टीम के सदस्य ने इशारे में पूरी टीम को बुलाया तथा घेराबन्दी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
आरोपियों एक दो मुहाँ सांप (RED SAND BOA) लगभग 3.5 फीट लम्बा का एवं वजन लगभग 2.8 किलो वजन की बरामद हुआ, बाद आरोपियों को लेकर टीम वापस थाना लाईतथा वन विभाग सूचना दी गई, जिन पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है।ज्ञातव्य है कि इस प्रकार के दो मुँह वाले सांप की तस्करी भारत से नेपाल, इंडोनेशिया, ताईवान, मलेशिया, चीन और अरब देशों में तस्करों के माध्यम से होती है, इस प्रजाति के सांप से शारीरिक नशा, ताकत, मिर्गी, कैंसर, यौन शक्ति व एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों की दवाईयां भी बनती है जोकि भारत मे बहुत विरलतम क्षेत्रों में पाया जाता है तथा यह सांप दुर्लभ प्रजाति का है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी बोली लगती है। आरोपीगण अवैध तरीके से वन क्षेत्रों से उक्त प्रजाति के साँप को ढूँढ़कर उसको बड़ी कीमत पर तस्करों को बेचने की फिराक में घूम रहे थे। अरब देशों में रेड सेंड बोआ प्रजाति के सांप से बने व्यंजनों की कीमत लाखों रुपयो में होती है। सांप की तस्करी में पकड़े गए आरोपी विशाल पिता रामगोपाल राजपूत 22 साल नि. ग्राम भाटखेडी थाना किशनगंज इंदौर,दिलीप नायक पिता अंगूर नायक (बंजारा), 24 साल, नि. वार्ड नं.1 ग्रिड के सामने, ग्राम कसरावद जिला खरगौन,राहुल राजपूत पिता रामगोपाल राजपूत, 24 साल, नि. ग्राम भाटखेडी, थाना किशनगंज, इन्दौर को पकड़ कर वन विभाग की टीम के सुपुर्द किया गया है, जिन पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 3, 9, 39, 41, 50, 51, 52 के तहत कार्यवाही की गई है।



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