हैदराबाद। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में कान्हा शांति वनम हैदराबाद में 5 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ । जिसमें मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संभाग समन्वयक, जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, परामर्शदाता ,नवांकुर संस्था के प्रतिनिधियो ने सहभागिता की । प्रशिक्षण के अंतिम दिवस मध्यप्रदेश जन अभियान में परिषद के कार्यपालन निदेशक श्री बी आर नायडू ने कहा कि श्री रामचंद्र मिशन द्वारा जो जीवन के लिए ध्यान ,प्रार्थना और सफाई बताई गई है वह तभी साकार होगी जब हम अंतिम व्यक्ति तक इसको लेकर जाएंगे ।
श्री नायडू ने कहा कि पोलारेडी पद्धति से हमें पेड़ लगाना चाहिए। प्रकृति को हरा-भरा करना चाहिए। इस अवसर पर समरसता मंच के श्री श्यामाप्रसाद ने कहा कि भगवान ने कभी भी भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने सभी को एक समान अपनी संतान माना है । हमें भी उसी आधार पर प्रत्येक व्यक्ति से सद व्यवहार रखना चाहिए । पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रतिदिन भूषण जी के योग से प्रारंभ हुआ ।
कन्हा शांति वनम के प्रमुख श्री कमलेश डी पटेल (दाजी ) ने कहा की ध्यान के बिना सब अधूरा है। जीवन का प्रथम लक्ष्य मन की शांति होना चाहिए। निरंतर योग करने से ही बुद्धि का विकास होता है । जीवन में जितना शांत रहेंगे ,इतना प्रसन्न रहेंगे। ईश्वर सर्वव्यापी है उसे केवल अंतरात्मा से देखने की आवश्यकता है । ईश्वर जहां आनंद होता है वही रहता है । इसलिए मन को स्थिर रखें और आनंद में रहे । हृदय की बात सुने, जिससे सही निर्णय ले पाए।कान्हा शांति वनम के सेवक डॉ गोरख पेरूलकर द्वारा नेतृत्व विकास के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हम कभी-कभी अपनी सोच को छोटी रखते हैं जिससे हम बड़े परिणाम तक नहीं पहुंच पाते हैं। नेतृत्व करने में सभी के अपने-अपने गुण होते हैं । संचार के माध्यम से ही व्यक्तित्व का निखार आता है। जब हम किसी से संवाद करते हैं तो 55 प्रतिशत हमारा संचार शरीर के हाव भाव करते हैं 38 प्रतिशत हमारे बोलने का तरीका और केवल 7 प्रतिशत ही शब्द समझ में आते हैं।
प्रशिक्षण में अंनत मिटावलकर ने कहा कि श्री राम चंद्र मिशन के संकल्प को लेकर कान्हा शांति वनम परिसर 1400 में एकड मे फैला हुआ है । जहां 800000 पौधे लगाए गए हैं । 110 देशों के 3000 लोग इस संस्था से जुड़े हुए हैं । यहां 5 बड़े तालाब है । परिसर मे 700 परिवार यहां निवासरत है।
आत्मिक शांति के लिए हम दर-दर भटक रहे हैं लेकिन ध्यान ,योग एवं प्रार्थना से मन की शांति प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान ब्राइटर माइंड के बारे में भावनी ने बताया कि योग की निरंतरता से हमारी बुद्धि का विकास होता है ।ब्राइडल माइंड के बारे में छात्रा प्रिया,गर्वी ,अमृता द्वारा आंखों पर पट्टी बांधकर कलर की पहचान की गई ।
प्रशिक्षक अनिल सोनी द्वारा बताया कि हमारे जीवन का आनंद खत्म होता जा रहा है । मनमुटाव, वैमनस्य के कारण नकारात्मका बढ़ती जा रही है । हमारे विचार अपना निर्माण करते हैं । हम जीवन में अच्छे विचार लाएंगे तो हम अच्छे परिणाम तक पहुंच पाएंगे । सफाई ध्यान के दौरान हम 90 दिन में अपने गुस्से पर काबू पा सकते हैं ओर जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं।
हर्षदा मिटावलकर ने कहा कि हमें सुनने के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है । किस तरह सुना जाए यह भी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है । मनीष अग्रवाल ने कहा की सुबह में प्रार्थना करना चाहिए।
विनीत राणावत द्वारा परिसर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण का सफल संचालन संभाग समन्वयक शिवप्रसाद मालवीय ने किया। सत्र के अंतिम में सभी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए । कान्हा शांति वनम की आजीविका सदस्यता दिलाई गई। प्रशिक्षण में जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी मंदसौर,रत्नेश विजयवर्गीय रतलाम, वीरेंद्र ठाकुर नीमच, श्री डामोर झाबुआ,प्रेम सिंह आगर मालवा,विकासखंड समन्वयक नारायणसिंह निनामा सीतामऊ ,अर्चना भट्ट, सहित जिला समन्वयक ,विकासखंड समन्वयक उपस्थित थे। उक्त जानकारी हरिओम गंधर्व द्वारा दी गई।



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