मंदसौर। माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय मंदसौर द्वारा आरोपी गोपाल नायक पिता मन्नालाल उम्र 35 साल नि० भुवानगढ सीतामउ जिला मंदसौर को हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं 7 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा द्वारा बताया कि दिनांक 30.11.2020 को फरियादी गोपाल (आरोपी) ने देहाती नालसी लेख कराई कि मेरे पिताजी रात के करीब 8 बजे खाना खाकर रखवाली के लिये खेत पर गए थे। चाय पीने वापस नहीं आए सुबह 7 बजे मैने खेत पर जाकर देखा तो वहां परमरे पडे थे मेरे पिताजी की लाश खाट के पास पडी थी किसी ने धारदार हथियार से सीधे हाथ पर मारकर उनकी हत्या कर दी।
फरियादी (आरोपी) की रिपोर्ट पर से देहाती नाल्सी कमांक 0/2020 दर्ज की गई। विवेचना के दौरान मृतक मन्नालाल के पुत्र गोपाल पर शंका होनेपर पुलिस द्वारा उससे कढाई से पूछताछ करने पर तो आरोपी ने बताया कि मेरी शादी को करीब 10 साल हो चुके है। उसे बच्चा नहीं हुआ था इसी बात को लेकर मेरे पिता मन्नालाल हमेशा बोलते थे कि तू रण्डवा है तुझे बच्चा नहीं होगा तेरी पत्नी पिंकी को मेरे पास भेज दे मैं बच्चा पैदा कर दूंगा। इसी बातको लेकर हमेशा हमारे घर में झगड़ा होता था इसी कारण मेरी पत्नी पिंकी घर छोड़कर मायके चली गई थी। घटना दिनांक 30.11.2020 को मेरे पिताजी ने सबके सामने मेरी बेइज्जती की थी तू रण्डवा है तेरी पत्नी को मेरे पास भेज दे। हम दोनो बाप बेटो में झगड़ा हो गया था इसलिए मैने गुस्से में आकर पत्थर व कुल्हारी मारकर हत्या कर दी।
अभियोजन द्वारा रखे गये तथ्यों एवं तर्कों से सहमत होकर माननीयन्यायालय ने आरोपी गोपाल नायक को आजीवन सश्रम कारावास एवं 7 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से सफल संचालन निर्मला सिंह चौधरीजिला अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया तथा प्रकरण की विवेचना तत्कालीन उप निरिक्षक कपिल सौराष्ट्रीय थाना सीतामऊ के द्वारा की गई !


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