उत्तर प्रदेश बुलंदशहर की असली की घटना
राजीव (बदला हुआ नाम) की बुलंदशहर में एक छोटी सी सॉफ्टवेयर कंपनी है जिसमे कुल 42 लोग काम करते है, मार्च 2018 ने राजीव ने एक लड़की को नौकरी पर रखा, वो लड़की राजीव से धीरे धीरे करीब होने लगी और राजीव को लड़की ने प्रोपोज़ किया.
राजीव को भी लड़की ठीक लगी, फिर लड़की आगे होकर राजीव से सेक्स की मांग करने लगी, ( राजीव इस बात से अंजान था की ये एक बाज़ारू लड़की है और आजकल ऐसी बाज़ारू लड़कियों की भारत मे कमी नही)
राजीव और लड़की के बीच आये दिन सेक्स होने लगा, एक दिन राजीव ने लड़की को कम्पनी में ही किसी दूसरे लड़के को कंप्यूटर से लड़की की ही नंगी तस्वीर भेजते पकड़ लिया, तब राजीव को मालूम हुआ कि लड़की का किसी और लड़के से भी चक्कर है, राजीव ने उसी दिन इस बाज़ारू लड़की को नौकरी से निकाल दिया.
2 दिन बाद शाम को राजीव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, पुलिस ने बताया कि आप पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप आपकी ही कम्पनी में काम करने वाली एक लड़की ने लगाया है, 3 अक्टूबर 2018 को राजीव गिरफ्तार हुए और 2 फरवरी 2019 को उन्हें जमानत मिली, इस बीच 4 महीने वो जेल में थे और उनकी कंपनी उनके कुछ खास दोस्त चला रहे थे, #राजीव ने #जमानत लेते ही सबसे #पहले अपनी कम्पनी की 17 #महिला #कर्मचारियों को #तुरंत बाहर #निकाला..
राजीव ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि
"पहले मैं ये सोचता था कि #लड़कियां बेहद #शरीफ होती हैं मगर आज मालूम हुआ कि #लड़कियों से नीच कोई नही होता, मैं एक अमीर घर से ताल्लुक रखता हूं इसीलिए मेरी जमानत हो गयी जिसमे मेरा अब तक 3 लाख रुपए खर्च हो चुका था, पेपर अखबार सब जगह मेरा नाम छप चुका था, मेरी माँ का सबसे ज्यादा बुरा हाल था, जिस दिन दिवाली थी उस दिन मैने जेल में आत्महत्या करने की कोशिश की थी मगर साथी कैदियों ने बचा लिया था, मैं एक बहुत बड़ी गलतफहमी से बाहर निकला हूँ, इस घटना ने #बलात्कार को लेकर मेरी सोच बदल दी, अब मैं किसी भी बलात्कार के मामले को देखकर दुखी नही होता, न जाने कौन मासूम पुरूष इस घटिया नारीवाद के चंगुल में फंस गया हो, आज लड़को को सम्भल के रहने की आवश्यकता है, मेरी घटना को देखकर मेरे दूसरे फ्रेंड्स ने भी अपनी कंपनी से लड़कियों को धीरे धीरे करके निकालना शुरू किया क्योंकि इस देश में हम लड़को को बचाने वाला कोई कानून ही नही है"


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