मंदसौर। थाना शामगढ के ग्राम असावती मे 2 अप्रेल को एक महिला की हत्या होने की सूचना पर क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। मृतिका के सिर में चोट के निशान पाए गए जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका परिलक्षित होने पर थाना शामगढ़ पर अप.क्र. 234/2021, धारा 302 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। श्री सिद्धार्थ चौधरी, पुलिस अधीक्षक मंदसौर के द्वारा घटना को गंभीरता से लेकर घटना की पतारसी व आरोपी की तलाश हेतु तत्काल एक विशेष पुलिस जाँच दल श्री महेंद्र तारनेकर, अति. पुलिस अधीक्षक गरोठ व श्री शेरसिंह भूरिया, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस उपखण्ड सीतामऊ के निर्देशन में गठित कर विशेष दिशा निर्देश देकर शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया। निरी. श्री गोपाल सूर्यवंशी, थाना प्रभारी शामगढ के नेतृत्व में गठित दल द्वारा जाँच पड़ताल शुरू करते हुए जानकारी एकत्र करना प्रारंभ की गयी। मृतिका मुन्नाबाई पति रतनलाल जाति सौ.राज. निवासी असावती के सम्बन्ध में विभिन्न पहलुओ पर और प्रत्येक दिशा में जानकारी एकत्र की गयी। जिसमे पता चला की पिछले कुछ समय से परिवार मे जमीन के बंटवारे व बेचने को लेकर आपस मे विवाद चल रहा था। उक्त बिन्दु पर जाँच कर जनसंपर्क एवं व्यावसायिक दक्षता तथा कार्य कौशल के आधार पर गठित टीम व्दारा सघन जाँच पडताल की गई जिससे ज्ञात हुआ कि घटना दिनांक से दो दिन पूर्व मृतिका मुन्नाबाई के पुत्र चंदरसिंह ने अपनी माँ की हिस्से की एक बीघा जमीन का सौदा चार लाख रुपये मे किया था जिसको लेकर मां बेटे मे अन बन चल रही थी बेटा चंदरसिंह चाहता था कि सौदे के रुपये से अच्छा घर बनाया जाये जिससे उसकी शादी हो सके जो की अच्छा घर नही होने से कोई रिश्ता नही आ रहा था परन्तु माँ इसके लिए तैयार नही थी उक्त तथ्य से मृतिका के पुत्र चन्दरसिंह पिता रतनसिंह सौ.राज. को इंगित कर एक दिशा प्राप्त हुई जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल
चन्दरसिंह पिता रतनसिंह को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गयी तो चन्दरसिंह के व्दारा अपना जुर्म कबुल कर लिया गया एवं बताया कि घटना की रात्री मे उसके एवं उसकी माँ के बीच बहस हुई थी कि जमीन को बेचकर अच्छा मकान बनाया जाये जिससे मेरी शादी हो जाये और बची हुई जमीन को बेचने में भी उसकी माँ अडंगा लगा रही थी,जबकि चंदरसिंह चाहता था कि बची हुई जमीन को बेचकर ऐषोआराम का जीवन व्यतीत किया जाये जिसके लिए उसकी माँ तैयार नही हुई तो बेटा इस बात से नाराज होकर गुस्से मे खेत पर सोने के लिए चला गया था जिसके बाद बेटे चंदरसिंह ने अपनी माँ को रास्ते से हटाने की सोच ली। उसे लगा कि जबतक उसकी माँ जिन्दा है उसकी शादी नही होगी। इस द्वेशतापूर्ण सोच के साथ चंदरसिंह सुबह साढे चार बजे करीबन अंधेरे का फायदा उठाकर वापस घर आकर घर के पीछे की तरफ से अंदर जाकर पहले से घर मे सोई हुई माँ को घर मे पहले से ही रखी कुल्हाडी से सिर पर तीन वार कर मौत के घाट उतार दिया और घटना को दूसरा मोड देने एवं पुलिस को गुमराह करने के उद्देष्य से घर का सामान अस्त व्यस्त कर दिया और वापस खेत पर जाकर सो गया जिससे किसी को भी उस पर शक ना हो और फिर सुबह आकर सब के सामने नाटक किया की माँ अंदर से दरवाजा नही खोल रही व चौकीदार व आसपास की भीड को इकट्टा कर पुलिस को अपनी माँ की हत्या किसी अज्ञात बदमाश के द्वारा की जाने की झूठी जानकारी देकर गुमराह करने की कोषिष की गई थी। उक्त हत्या का खुलासा पुलिस के द्वारा घटना कारित करने के 48 घंटों के भीतर ही कर लिया गया।


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