मन्दसौर। आज प्रशासन की टिम पुलिस टिम के साथ नरेंद्र नाहटा के एम आई टी कॉलेज पहुंची। ये खबर आग कि तरह शहर के मिडिया जगत में फैली। जल्द हि माजरा समझ आ गया कि शासकीय भूमि पर एम आई टी संस्था द्वारा किया गया कब्जा हटाकर प्रशासन ने अपना कब्जा किया है। अपने रसुख के दम पर नाहटा परिवार ने बहुत से काम ऐसे कर रखे है जिनकी जांच होना चाहिए। जांच के दायरे में तो एम आई टी कॉलेज भी आता है क्योकि पूर्व में यह कॉलेज शासन कि संपत्ति होने का दावा किया जाता रहा है। फिलहाल एमआईटी कॉलेज मंदसौर में प्रशासन की टीम ने भौतिक सत्यापन कर 6 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया, उक्त कब्जे से प्रशासन को 60 करोड़ का लाभ होगा। एसडीएम श्री बिहारी सिंह ने बताया कि प्रशासन एवं पुलिस विभाग की टीम ने सामूहिक कार्रवाई करते हुए एमआईटी कॉलेज से 6.075 हेक्टयर भूमि का भौतिक सत्यापन कर उस पर कब्जा किया गया। वर्तमान में उक्त भूमि कि कीमत 60 करोड़ रुपए है। सर्वे नंबर 1/1 में से रकबा 3.135 हेक्टयर तथा सर्वे नंबर 1892 में से रकबा 2.940 हेक्टयर इस तरह कुल रकबा 6.075 हेक्टयर भूमि है। जिसका पूर्व में एम आई टी संस्था से दिनांक 19 नवंबर 2004 को कब्जा शासन ने अपने पक्ष में लिया था। उक्त भूमि का पूर्व में किये गए कब्जे अनुसार भौतिक सत्यापन किया गया। भूमि पर जो भी निर्माण कार्य किये गए थे उसे क्लीन किया गया तथा उसे अवरोध मुक्त किया गया। अब इस भूमि पर शासन के पक्ष में किसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए उपयोग होगा। प्रशासन ने उक्त भूमि पर कब्जा कर चिन्ह भी लगा दिए है, जिससे फिर नाहटा परिवार कब्जा ना कर सके। उक्त कार्यवाही में अपर कलेक्टर श्री आरपी वर्मा, मन्दसौर एसडीएम श्री बिहारी सिंह, तहसीलदार श्री मुकेश सोनी, वाय डी नगर टीआई श्री जितेंद्र पाठक सहित पुलिस जवान मौजूद रहे।
✍🏻 *पित्याखेडी वाली जमीन के दस्तावेज भी खंगालना चाहिए*
प्रशासन को नाहटा परिवार की पित्याखेडी वाली जमीन के दस्तावेज भी खंगालना चाहिए। यह भूमि पूर्व में किसकी थी, किसने बेची, किसने खरीदी, शासकीय भूमि उसमें है या नहीं, नक्शा दुरुस्ती के नाम पर कोई कलाकारी तो नहीं की गई, कई बातें है लगे हाथ इसकी भी जानकारी जुटा लेना चाहिए। हमारा ये कतई कहना नहीं है कि उक्त भूमि में गड़बड़ है, लेकिन नाहटा परिवार कब्जा करने का आदि है इसलिए जांच कर लेना चाहिए।
✍🏻 *संकल्प साख सहकारी संस्था मर्यादित मन्दसौर कि भी हो जांच, बैंकिंग कार्य कैसे कर रही संस्था ?*
प्रशासन को संकल्प साख सहकारी संस्था की भी जांच करना चाहिए। क्योंकि इस संस्था में पूरी तरह बैंकिंग कार्य किए जा रहे हैं जो नियम विरुद्ध है। साथ ही सूत्रों का कहना है कि इस संस्था में कितना भी धन जमा करो आयकर शो नहीं करना पड़ेगा। यानि आयकर चोरी करने का माध्यम है संस्था ? आखिर ऐसा चमत्कार कैसे होता है इसकी जांच तो करना चाहिए।


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