मंदसौर। विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही से हुई किसान की मौत के बाद सोमवार को कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र ने ग्रामीणों के साथ किसान का शव थाना परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों को पचास लाख रुपए की आर्थिक सहायता व मृतक के परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की। 5 घंटे थाना परिसर में चले धरने के बाद मौके पहुँचे बिजली कंपनी के अधिकारी ने लिखित में सहायता देने व परिवार के एक सदस्य को नोकरी देने का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर कांग्रेस नेता व ग्रामीण धरने से उठे। जानकारी के अनुसार गांव रायसिंह पिपलिया निवासी विनोद (35) पिता गोकुल सूर्यवंशी सोमवार को प्रातः 9 बजे खेत पर गया था, इसी दौरान जमीन पर गिरी डीपी के खुले तार से करंट लगन से विनोद झुलस गया और मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना के बाद भी बिजली बन्द कर डीपी सही नही की
जानकारी के अनुसार 20 जून को तेज आंधी से डीपी गिर गई, डीपी से लगे तार भी खेत में पड़े थे। किसानों ने इसकी सूचना विद्युत वितरण कंपनी को भी दी थी, लेकिन डीपी व तार को सही नही किया। इस दौरान 2 जुलाई को करंट लगने से एक बकरी की मौत हो गई। वहीं 3 जुलाई को नाबालिग बालक को करंट लगा, इसकी सूचना भी ग्रामीणों ने विद्युत वितरण कंपनी को दी, फिर भी डीपी व तार को सही नही किया। आखिरकार युवा किसान की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों ने हादसे के लिए विद्युत वितरण कंपनी को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस नेता की हुई टीआई से हुई बहस
प्रातः 11 बजे किसान विनोद का शव लेकर ग्रामीण नाहरगढ़ थाने पहुँचे तो अंगद के पैर की तरह नाहरगढ़ थाने की कुर्सी पर चिपके टीआई गिरीश जेजुलकर ने दादागिरी पूर्वक उन्हें भगाना चाहा। इससे ग्रामीणजन आक्रोशित हो गए। सूचना पर दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्यामलाल जोकचन्द्र, कांग्रेस नेतागण कमलेश पटेल, जिला पंचायत सदस्य जगदीश धनगर, भोपालसिंह, रंगलाल धनगर, गजेन्द्र धाकड़, पंकज बसेर, पंकज चोधरी, दिनेश चोधरी, पंकज कटारिया, मुकेश टेलर, राकेश लोहार, ओमप्रकाश राठौर, वरदीचन्द डांगी, मूलचन्द धाकड़, ओमप्रकाश माली, भागीरथ शर्मा सहित ग्रामीणजन नाहरगढ़ थाने पहुँचे, यहां टीआई गिरीश जेजुलकर ने कांग्रेस नेता जोकचन्द्र का हाथ पकड़ लिया, इससे विवाद बढ़ गया और उनकी फजीहत हो गई। टीआई को कांग्रेस नेताओं ने खूब खरी सुनाई। कांग्रेस नेता जोकचन्द्र ने टीआई से कहा कि थाना तुम्हारे बाप का नही, हमारे बाप का है, बाद में टीआई जेजुलकर वहां से हट गए और आखिर समय तक प्रदर्शनकारियों के बीच में नही आए।
पांच घंटे चला प्रदर्शन, अधिकारी पहुँचे, लिखित में लिया आश्वासन
कांग्रेस नेता किसान के परिजन को आर्थिक सहायता व परिवार के एक व्यक्ति को शासकीय नोकरी देने की मांग पर अड़ गए। मामले की जानकारी एसडीएम मुकेश शर्मा को मोबाइल पर काॅल की, लेकिन उन्होंने काॅल रिसिव नही की। बाद में कलेक्टर गौतमसिंह को घटना की जानकारी देकर परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। थाने पर चले 5 घंटे तक प्रदर्शन के बाद तहसीलदार वन्दना हरित, विद्युत वितरण कंपनी के डीई विनोबा तिवारी धरनास्थल थाने पर आए। काफी देर तक बहस हुई। मांग नही मानने पर कांग्रेस नेता बोले हम शव नही ले जाएंगे, यह शव विद्युत कंपनी को सुपुर्द कर जाएंगे। शाम 5.30 बजे विद्युत कंपनी के अधिकारी तिवारी ने आश्वासन दिया कि 6 लाख रुपए विद्युत वितरण कंपनी की ओर से व 4 लाख रुपए राजस्व विभाग की ओर देंगे व मृतक की पत्नी को शासकीय नोकरी देंगे। कांग्रेस नेताओं ने अधिकारी का आश्वासन भी लिखित में लिया। तब जाकर धरना समाप्त किया।



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