मंदसौर। समाज की सहभागीता के बिना कोई भी कार्य पुर्ण नहीं हो सकता है। शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में समाज की सहभागीता महत्वपुर्ण है और यह सहभागीता नवांकुर संस्थाएं कर सकती हैं। न्यायालय में ग्रामीण क्षेत्रो के अधिकाशं छोटे-मोटे विवादों के मामले सामने आतें है। जो समाज की सहभागीता से आसानी से हल किये जा सकते है। ऐसे मामलों में समय,धन और मानसिक परेशानी होती
हैं। उक्त विचार मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा आयोजीत नवांकुर संस्थाओं के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस शुक्रवार को शासकीय नर्सिंग कांलेज में जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर श्री हर्ष सिंह बैरावत ने व्यक्त किये। न्यायाधीश श्री हर्षसिंह बैरावत ने सामुदायिक सहभागीता के बारे में बताते हुए कहा की जो भी कार्य आपकी संस्थाए प्रांरभ करें उसकी पुर्व में कार्ययोजना तैयार होना चाहीए। जिससे समाज हीत में वह कार्य पुर्ण उददेश्य के साथ समय सीमा में पुर्ण हो सकें। नवांकुर संस्थाएं पुर्ण ईमानदारी के साथ प्रस्फुटन समितियों से मिलकर काम करेंगी तो निश्चित ही समाजहीत में बेहतर काम होगा। न्यायाधीश श्री बैरावत ने कहा की समाजहीत में काम करने में रूकावटें जरूर आती है,लैकीन काम को पुर्ण ईमानदारी और लगन से करेगें तो निश्चित ही सफलता मिलेगी।
प्रशिक्षण में पुर्व अपर कलेक्टर एन.एस.राजावत ने कहा की प्रशासकीय सेवा में रहते हुए कई आयोजन प्रस्फुटन समितियों के साथ करने का अवसर मिला हैं। समाज की सहभागीता मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद की प्रस्फुटन समितियों से बेहतर कोई नहीं कर सकता है। नवांकुर संस्थाएं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों को वहीं कार्य सांपे जिसमें उनकी रूची हों । ताकी कार्य का अनुश्रवण और मूल्यांकन समय पर किया जा सकें।
मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के पुर्व जिला उपाध्यक्ष डां.क्षितीज पुरोहित ने प्रभाव का विश्लेषण बताते हुए कहा की आकर्षण और प्रभाव में अंतर होता है। आकर्षण कम समय तक रहता है,वही प्रभाव का समय अधिक होता है। सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वालों का प्रभाव अधिक समय तक रहता है। विगत दिनों भारत सरकार द्वारा समाज के बीच काम करने वाले समाज सेवकों को पद्मश्री से सम्मानित किया हैं।
डां.पुरोहित ने कहा की सिखने की कोई उम्र नहीं होती है। जीवन में हमेशा हमें सिखते रहना चाहीएं। सकारात्मक कार्य ही समाज को प्रभावित कर सकतें है। प्रभाव कर्म आधारित होता हैं। प्रत्येक व्यक्ति मे अलग प्रतिभा छुपी हुई होती है। जो पहचानने की आवश्यकता है।
प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण के बारे में जानकारी देते हुए मधुसूदन शर्मा एवं मुकेश पाटीदार ने बताया की ग्राम सभा के माध्यम से समाज के लोगों द्वारा ही सामाजिक अंकेक्षण किया जाता है। सामाजिक अंकेक्षण के दोरान शासन द्वारा सामुदायीक और हितग्राही मुलक कार्यो की समिक्षा कि जाती है। जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी ने वार्षिक कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विकासखण्ड समन्वयक नारायणसिंह निनामा,अर्चना भटट द्वारा सेक्टर अनुसार कार्ययोजना बना कर नवांकुर संस्थाओं को दी। लेखापाल अर्चना रामावत द्वारा वित्तिय मामले और दस्तावेजीकरण के बारे मे जानकारी दी । प्रशिक्षण के दोरान विडियोकाम्प्रेसिंग के द्वारा एमआईएस पोर्टल पर रिपोटिंग के बारे में जानकारी दी गई । कार्यक्रम के समापन पर जिले की 25 नवांकुर संस्थाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किये गयें । अंत में आभार जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी ने माना।




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