मंदसौर।सेठ इलाजी नाथूराम ट्रस्ट के तत्वावधान में स्थानीय जनकुपूरा गणपति चौक में होली हास्य हंगामे से भरपूर अखिल भारतीय टेपा सम्मेलन देर रात तक चला ,कवि गणों ने एक से बढ़कर एक होली की फुलझड़ियां अपने कविता पाठ के माध्यम से छोड़ी जो श्रोताओं को खूब पसंद आई ,कवि सम्मेलन में देश के ख्यातनाम कविगण सर्व श्री भूपेंद्र राठौर वीर रस कोटा, महेंद्र मधुर आष्टा ,जितेंद्र यादव हास्य खरगोन, गोपाल गजब सीतामऊ, अजय हिंदुस्तानी चित्तौड़गढ़, एवं निशा उज्जैनी, उज्जैन ने देर रात तक अपनी शानदार काव्य पाठ की प्रस्तुतियां से खूब दाद बटोरी।
कवि सम्मेलन के आरंभ में सभी कविगणों ने श्री द्विमुखी चिंताहरण गणपति के दर्शन किए । टेपा सम्मेलन सकल जैन समाज अध्यक्ष श्री राजमल गर्ग अंकित, श्री चारभुजा माहेश्वरीयान ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीकृष्णचंद चीचानी एवं समाजसेवी श्री मुकेश गुप्ता के आतिथ्य में संपन्न हुआ। सभी कवि गणों एवं अतिथियों का टेपा स्टाइल में सब्जियों की माला पहना कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि मंदसौर शहर में आज भी पारंपरिक परंपराओं को देखने का अवसर कहीं मिलता है तो वह है गणपति चौक, जहां पर वर्ष भर में विविध आयोजन होते हैं और विशेषकर होली का आनंद तो यहीं पर आता है टेपा सम्मेलन जैसे आयोजनों के माध्यम से एक स्वस्थ मनोरंजन होता है जो जिसका वर्षभर मंदसौर शहरवासी इंतजार करते हैं।
कवि सम्मेलन का आगाज कवियत्री निशा उज्जैनी ने सरस्वती वंदना के साथ किया।
वीर रस के कवि भूपेंद्र राठौर द्वारा प्रस्तुत कविता भारत के गद्दारों ने गीत खुशी के गाए थे और अब्दुल जिंदाबाद के नारे दिल्ली में लगाए थे.I मंदिर ,मस्जिद और गुरुद्वारों पर काले बादल छाए थे ऐसे गद्दारों को भारत अब माफ नहीं करें, मोदी सबसे पहले ऐसे गद्दारों को साफ करें I उनकी एक और यह कविता अब इटली से प्यार नहीं है नेता हिंदुस्तानी दो ने भी खूब तालियां बटोरी।
खरगोन के कवि जितेंद्र यादव ने कोरोना कॉल को याद करते हुए अपनी शानदार कविता पाठ.. सारे विश्व ने हमारी प्रतिभा स्वीकार की, हमने एक नहीं दो दो वैक्सीन तैयार की ने खूब दाद बटोरी।
कवि गोपाल गजब ने अपने मालवी अंदाज में भाईचारे से जिस दिन नजर हट जाएगी, उस दिन इंसान इंसान ना रहेगा, आजकल का युवा दुनिया से जुड़ रहा है और अपने मां बाप से कट रहा है ,देखो देखो यह सोशल मीडिया का कैसा खेल आया है पूरे माहौल को परिर्वतन कर दिया ,I अजय हिंदुस्तानी की इन पंक्तियों ने पूरा माहौल राष्ट्रमयी बना दिया न बीबी पर लिख पाया और ना ही समय पर लिख पाया मेरी कलम में स्याही वही थी सिर्फ वतन पर लिख पाया।
आरंभ में अतिथियों एवं कवियों का सब्जियों की माला पहनाकर टेपा स्टाईल में स्वागत ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित दिलीप शर्मा ,उपाध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, सचिव छगनलाल पारीक, कोषाध्यक्ष राजकुमार सिहंल, ट्रस्टी राजेश डोसी, गोपाल मंडोवरा, ओंकारलाल शर्मा कल्लू भैया ने किया, I कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने किया तथा आभार राजकुमार सिंहल ने माना।



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