अजमेर।राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर शहर में शुक्रवार दोपहर दिन दहाड़े एक व्यापारी से 17 लाख 92 हजार की लूट की वारदात अंजाम दिया गया।फूर्ती दिखाते हुए पुलिस ने 1 घंटे में मामला सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।खास बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी रकम भी बरामद की है।दरअसल, ब्यावर के पिपलिया बाजार में टूर ट्रेवल्स और मेटल्स के व्यापारी विवेक खीवसरा ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उसके मुनीम कल्याण का कॉल आया।उसने बताया कि 3 अज्ञात युवक दफ्तर में आए और आंखों में स्प्रे कर पास में रखे 17 लाख 92 हजार रुपये लूट कर फरार हो गए।
दिन दहाड़े लूट की बड़ी वारदात से पुलिस भी हरकत में आई।आनन-फानन में पूरे शहर में नाकेबंदी करते हुए दफ्तर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए।साथ ही वारदात के समय दफ्तर में मौजूद मुनीम कल्याण से भी पूछताछ शुरू की। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में ही मुनीम संदिग्ध नजर आने लगा।पुलिस को दफ्तर के अंदर कहीं भी स्प्रे के निशान नहीं मिले।साथ ही मुनीम ने मालिक को वारदात की सूचना घटना होने के तुरंत बाद दे दी,जबकिं स्प्रे के बाद उसने खुद को बेहोश होना बताया था।
मुनीम के विरोधाभासी बयानों के चलते पुलिस ने जब हिरासत के लेते हुए सख्ती से पूछताछ शुरू की तो कल्याण ज्यादा देर तक पुलिस के सामने टिक नहीं सका और उसने पूरा राज खोल दिया। दरअसल, मुनीम कल्याण को जुए-सट्टे का शौक था। इसके चलते उसके ऊपर लाखों रुपये का कर्जा हो गया था,जिसे उतारने के लिए ही उसने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।मुनीम कल्याण को साउथ की फिल्में देखने का बहुत शौक था।फिल्मों के जरिए ही उसे यह वारदात करने का आइडिया आया। पुलिस ने आरोपी मुनीम कल्याण सहित देवेंद्र और विनोद को गिरफ्तार कर उनके पास से लूट की पूरी राशि बरामद कर ली है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।ब्यावर पुलिस की और से लूट की इतनी बड़ी वारदात को महज एक घंटे में सुलझाने पर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने एसएचओ रमेन्द्र सिंह हाड़ा सहित पूरी टीम को शाबाशी दी और उनका प्रोत्साहन किया।
दिन दहाड़े लूट की बड़ी वारदात से पुलिस भी हरकत में आई।आनन-फानन में पूरे शहर में नाकेबंदी करते हुए दफ्तर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए।साथ ही वारदात के समय दफ्तर में मौजूद मुनीम कल्याण से भी पूछताछ शुरू की। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में ही मुनीम संदिग्ध नजर आने लगा।पुलिस को दफ्तर के अंदर कहीं भी स्प्रे के निशान नहीं मिले।साथ ही मुनीम ने मालिक को वारदात की सूचना घटना होने के तुरंत बाद दे दी,जबकिं स्प्रे के बाद उसने खुद को बेहोश होना बताया था।
मुनीम के विरोधाभासी बयानों के चलते पुलिस ने जब हिरासत के लेते हुए सख्ती से पूछताछ शुरू की तो कल्याण ज्यादा देर तक पुलिस के सामने टिक नहीं सका और उसने पूरा राज खोल दिया। दरअसल, मुनीम कल्याण को जुए-सट्टे का शौक था। इसके चलते उसके ऊपर लाखों रुपये का कर्जा हो गया था,जिसे उतारने के लिए ही उसने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।मुनीम कल्याण को साउथ की फिल्में देखने का बहुत शौक था।फिल्मों के जरिए ही उसे यह वारदात करने का आइडिया आया। पुलिस ने आरोपी मुनीम कल्याण सहित देवेंद्र और विनोद को गिरफ्तार कर उनके पास से लूट की पूरी राशि बरामद कर ली है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।ब्यावर पुलिस की और से लूट की इतनी बड़ी वारदात को महज एक घंटे में सुलझाने पर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने एसएचओ रमेन्द्र सिंह हाड़ा सहित पूरी टीम को शाबाशी दी और उनका प्रोत्साहन किया।


0 Comments