सिंधी समाज का भामाशाह सम्मान समारोह एवं सन्त कुटीर लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न


नीमच। किसी भी समाज के विकास के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं युवा वर्ग का शिक्षित और संस्कारित होना भी परम आवश्यक है। सामाजिक एकता के बिना किसी भी समाज का विकास नहीं हो सकता है और विकसित समाज ही विकसित राष्ट्र का महत्वपूर्ण अंग होता है। राजनीतिक चेतना और कंप्यूटर तकनीकी शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं हो सकता है। युवा वर्ग इस पर फोकस करें। उक्त बात इंदौर संसदीय क्षेत्र के सांसद शंकर लालवानी ने श्री भाग्येश्वर महादेव (आश्रम) मंदिर समिति द्वारा रविवार, 22 मई को सायंकाल 7 बजे स्थानीय भाग्येश्वर महादेव (आश्रम) मंदिर के पी.सी. गार्डन में आयोजित सन्त कुटीर लोकार्पण एवं सिंधी समाज के भामाशाहों एवं सिन्धी सामाजिक संस्थाओं के सम्मान समारोह में कहीं ।


उन्होने कहा कि समाज का कोई भी व्यक्ति जब एनआरडीए बन जाता है, तो फिर वह समाज विकास का चिंतन करें यही समाज की सच्ची व सबसे बड़ी सेवा का आदर्श केंद्र होता है। समाज के युवा शिक्षित होकर आईएएस, आईपीएस अधिकारी बने और समाज विकास में सहभागी बने। देश की नई शिक्षा नीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधी भाषा को महत्व दिया है। मध्यप्रदेश में हिंदी भाषा में आईएएस, आईपीएस अधिकारी बन रहे हैं। सिंधी समाज को सेना में सहभागिता मिलना चाहिए। दिल्ली में आयोजित सैनिकों के कार्यक्रम में ज्ञात हुआ कि पूरे देश में सेना में 160 सिंधी समाज के सैनिक भी सेवारत है, जो समाज के लिए गर्व की बात है। गुवाहाटी में 200 और शिलांग में 10 सिन्धी समाज के परिवार रहते हैं। सिंधी देश मे बिखरे हुए हैं, लेकिन सब जगह विद्यमान है और उच्च रोजगार से जुड़े हुए हैं। शहीद हेमू कॉलोनी के जीवन चरित्र को युवा वर्ग को समझना होगा और देश के लिए बलिदान और त्याग का संकल्प लेना होगा। समाज व युवाओं को विभाजन की पीड़ा के इतिहास से अवगत होना चाहिए। सांसद बनने के बाद सिंधी भाषा में शपथ ली थी तब सिंधी भाषा का हिंदी में रूपांतरण करने वाला कोई अधिकारी नहीं मिला था, फिर एक सेवानिवृत्त सिन्धी अधिकारी की सहायता ली गई थी। सिंधी समाज ने देश के लिए अनेक कुर्बानियां दी है। युवा वर्ग सिन्धी समाज के इतिहास को पढ़े और आगे बढ़े। समाज संगठित होकर विकास करेगा तभी समाज राष्ट्र के विकास के लिए त्याग करना सीखेगा। सभी समाजजनों को सिंधी भाषा का उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि उदासीन आश्रम भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर श्री हंसराम उदासीन ने कहा कि महापुरुषों की दृष्टि में पद बड़ा नहीं होता है, उनकी दृष्टि और सोच बड़ी होती है। सिंधी भाषा के साथ-साथ सिंधी संस्कृति को बचाना आवश्यक है। इसके लिए अन्य समाज में हो रही शादीयों को रोकना होगा। समाज की सभ्यता, संस्कृति, पहनावें की रक्षा भी करना आवश्यक है। जिस प्रकार राजस्थान में गुर्जर, महाराष्ट्र में मराठा, दक्षिण में दक्षिण भारतीय लोग, गुजरात मे गुजराती अपनी पहनावा व भाषा को महत्व देते हैं, उसी प्रकार सिंधी समाज को भी अपने पहनावा और अपनी मातृभाषा को नहीं छोड़ना चाहिए। हिंदू सनातन संस्कृति का मंदिर कानूनी रूप से मान्य है।  कुरीतियों को मिटाए बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता है। अपनी कमाई का दशांश दान करना चाहिए। यदि नीमच का सिंधी समाज अपनी आय का 10% भी दान करें तो अमृतसर जैसा स्वर्ण मंदिर नीमच में भी बन सकता है। समाज संगठित हो तो राजनेता भी समाज की समस्याओं को समाधान करने के लिए महत्व देंगे। समाज के लोग कुर्सी प्रेम रोग को त्यागे और समाज की कुरीतियों को मिटाने में सहयोगी बने। समाज में दुखी की सेवा करना चाहिए, यह भी 16 संस्कारों में से एक संस्कार होता है। समाज की राजनीतिक क्षेत्र में पकड़ मजबूत करें तभी सही दान सार्थक होता है। सेवा करेंगे तो पीढ़ियों तक सुख मिलेगा। सुख चाहो तो सेवा करनी चाहिए। सनातन संस्कृति महत्वपूर्ण है, सनातन संस्कृति की छत्रछाया के बिना किसी भी समाज की प्रगति नहीं हो सकती है। सनातन संस्कृति के लिए सिर्फ 5000 एकड़ भूमि राज्य शासन द्वारा सिन्धी समाज को आवंटन करना चाहिए। सिन्धी समाज इस की पुरजोर मांग करता है। आनंदपुर दरबार के महात्मा श्री अखंड आनंद महाराज ने कहा कि समाज विकास के लिए गया था, नहीं परलोक में साथ रहता है। बच्चा, बूढ़ा और बीमार परमेश्वर को अति प्रिय होते हैं। जो इनकी सेवा करता है, परमात्मा उसका बेड़ा पार करते हैं। मर्यादा मानवता संतो के गुण होते हैं। समाज के सत्संग और संगत से  आत्मा को आशीर्वाद मिलता है।राजस्थान सरकार के कबीना मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि समाज में सफलता के शिखर पर पहुंचने वाला व्यक्ति यदि समाज के गरीब वर्ग के विकास के लिए संकल्प करें तो यही सच्ची समाज सेवा होती है। मंदसौर-नीमच लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सिंधी समाज सनातन धर्म के प्रत्येक कार्य में सदैव योगदान देता आया है। समाज सदैव परिश्रम कर देश सेवा के कार्य करता है। सिन्धी समाज ऊर्जावान है। सामाजिक, धार्मिक संदर्भ में समाज का युवा सदैव अग्रणी रहते हैं। सनातन धर्म के वरुण देव मंदिर से प्रेरणा जीवन को मिली है, समाज का युवा ठान ले तो समाज का विकास हो सकता है। इजराइल और यहूदी से ज्यादा सिंधी समाज ने संघर्ष किया है। सिंधी समाज सनातन धर्म के लिए सदैव आदरणीय रहता आया है, जो हम सबके लिए प्रेरणादाई है। सिंधु घाटी सभ्यता, पुरातन संस्कृति के अनुसार मानव का विकास हिमालय से प्रारंभ हुआ, सिंधु नदी के किनारे आगे बढ़ रहा है। भाजपा ने अपने सभी वादे पूरे कर लिए हैं, समान नागरिक संहिता का वादा भी शीघ्र पूरा होने की ओर अग्रसर है। समाज के भामाशाहों ने 16 कमरे बनाए साधुवाद के पात्र है। भारतीय सिंधु सभा इंदौर के अध्यक्ष गुलाब ठाकुर ने कहा कि भारतीय सिंधु सभा 85 शहरों में सेवारत है। सिंधु नदी लद्दाख में बहती है, महत्वपूर्ण है मनोज भाई का प्रयास साधुवाद के पात्र हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार ने कहा कि समाज विकास के लिए व्यक्ति कितना दान देता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। वह किस भाव से दान देता है यह महत्वपूर्ण होता है। समाज को नया भवन मिला है, समाज साधुवाद का पात्र है। हेमू कालानी के बलिदान से आदर्श प्रेरणा लेना चाहिए। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि विकास में सिंधी समाज का सदैव मार्गदर्शन व सहयोग मिलता रहा है। राम जन्मभूमि आंदोलन में सिन्धी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। दान देने से धन नहीं घटता है, समाज विकास के लिए भामाशाहों का योगदान उल्लेखनीय है। सनातन संस्कृति पूरे विश्व में फैले यही प्रार्थना है। श्री भाग्येश्वर महादेव (आश्रम) मंदिर नीमच के अध्यक्ष गुरमुखदास दादवानी ने स्वागत भाषण दिया। पूज्य सिंधी पंचायत के मुख्य अध्यक्ष मनोहर अर्जनानी ने कहा कि सांसद शंकर लालवानी आधी रात को भी समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं वे अपने सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्य छोड़कर भी समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। दानदाताओं का योगदान साधुवाद के पात्र हैं, समाज के हर वर्ग की सहायता करेंगे। समाज मैं कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहेगा। इस प्रकार की योजना लागू कर समाज विकास का प्रयास किया जाएगा। सचिव मनोहर मोटवानी ने कहा कि समाज के कन्हैयालाल, खेमचंद ने संत बाबा पीरुरामजी, बाबा छत्तुरामजी व समाज के संतो द्वारा जो एक छोटा पौधा लगाया गया था, वह आज वटवृक्ष का आकार ले चुका है। गुरमुखदास दादवानी के नेतृत्व में समाज के लिए चिंतन किया है। 28 कमरे भगवान शिव के योगदान से निर्माण हो गए हैं। 16 कमरे और बनाए हैं। यात्री विश्राम कक्ष भी बनाए जाएंगे। 5 करोड़ के गुरुद्वारे एवं डोम निर्माण की मंदिर की योजना है। वर्ष 25 तक 22 कमरों की और प्रस्तावना है। सभी का सहयोग मिलेगा। मोहनलाल जी रोहिड़ा द्वारा समाज के लिए पूरा जीवन समर्पित किया है। वरिष्ठ को नमन। सिंधी समाज को राजनीति में इंदौर की तरह नीमच में भी नेतृत्व मिलना चाहिए। इसके लिए सभी का सहयोग मिलना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र "बबलू" भटनागर भी मंचासीन थे।

कार्यक्रम का संचालन भानुप्रताप आहूजा एवं पुनीत मोटवानी ने संयुक्त रूप से किया तथा आभार सुरेश आहूजा ने ज्ञापित किया।

श्री भाग्येश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष गुरमुखदास दादवानी व सचिव मनोहर मोटवानी ने जानकारी में बताया कि कार्यक्रम में हरिशेवा धाम उदासीन आश्रम भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर श्री हंसराम  उदासी, आनंदपुर दरबार के महात्मा श्री अखंड आनंद जी नीमच, मंदसौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता, इंदौर के सांसद शंकर लालवानी,  राजस्थान शासन के पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार, भाजपा जिला अध्यक्ष पवन पाटीदार, भारतीय सिंधु सभा इंदौर के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब ठाकुर आदि के कर कमलों द्वारा भामाशाहों का सम्मान समारोह एवं संत कुटीया का लोकार्पण किया गया।  इस अवसर पर श्री झूलेलाल बहराना समिति द्वारा भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मधुर-मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। इस अवसर पर सिंधी समाज के परमानंद परवानी, परमानंद (कमल) मूलचंदानी, दिलीप लालवानी, पुरुषोत्तम लखवानी, राजेश लालवानी, चंद्रप्रकाश तलरेजा, जीतू तलरेजा, लोकेन्द्र फ़तनानी इत्यादि सहित बड़ी संख्या में  समाज के सभी वर्गों के महिला व पुरूष उपस्थित थे। कार्यक्रम पश्चात सभी समाज जनों का सपरिवार सहभोज कार्यक्रम हुआ।


*ज्ञापन सौंपा-*  नीमच रेल यातायात सुविधाओं में वृद्धि,  प्लेटफार्म पर टिकट बुकिंग खिड़की व प्लेटफार्म टिकट खिड़की की समस्याओं एवं भारत विभाजन के समय सिंध प्रांत छोड़कर आए सिंधी समाज के लगभग 140 विस्थापित परिवार जो कि तांगा अड्डा सहित नीमच के विभिन्न क्षेत्रों बड़ी दयनीय स्थिति में निवासरत है और शासन की योजनाओं व मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। ऐसे गरीब व विस्थापित परिवारों को स्थाई पट्टा देने के साथ मूलभूत सुविधाओं को भी सुगमता से उपलब्ध करवाने हेतु पूज्य सिंधी पंचायत एवं समस्त सिंधी समाज द्वारा मंचासीन आमंत्रित समस्त अतिथियों को ज्ञापन सौंपा गया।


*30 भामाशाहों एवं 22 समाजसेवी संस्थाओं का हुआ सम्मान...*


सिंधी समाज के भामाशाह सम्मान समारोह में पीसी गार्डन में भवन निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मोहनदास गुरनानी जयपुर/दुबई, रमेश चावला, सुरेश गोविंदानी, राजेश गोविंदानी, केपी स्वीट्स, श्रीमती जानकी पति स्वर्गीय बलराम आहूजा, सुरेश आहूजा, टहलराम बहरानी, विजय रोहिडा, राजेश सोनी, राधेश्याम मोटवानी, यशवंत मोटवानी, चंदवानी परिवार, श्रीचंद वरधानी, शीतल वासुदेव मंथरानी, लक्ष्मी प्रेमाणी, राजू लालवानी, प्रेम आहूजा कानपुरी, जयरामदास पुर्सवानी, प्रेमचंद पुर्सवानी, भरत पुर्सवानी, गिरधारी लाल रोहिडा, प्रहलाद  मूलचंदानी, कमल मूलचंदानी, माधवदास मूलचंदानी, राजकुमार मूलचंदानी, ज्ञानानी परिवार जयपुर, राजकुमार वरधानी ,पूरणभाई रामचंदानी, श्याम रामनानी, रमेश करमचंदानी, गुरुरामदास स्टोर्स, तुलसी गारमेंट्स, सुरेश (पप्पू) बालानी, मोहनलाल रोहिडा, बंसीलाल कस्तूरी, मुरलीधर बदलानी, ओमप्रकाश विनोद बदलानी, शंकर लालवानी जयपुर, नारायणदास होतवानी , मुरलीधर प्रेमाणी, गुरमुखदास दादवाणी, नौतनदास दादवानी, किशनदास दादवानी सहीत समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पूज्य सिंधी पंचायत, पूज्य सिंधी पंचायत महिला शाखा, संत श्री बाबा छत्तूराम सेवा समिति, झूलेलाल बालक मंडली, पीआर पार्टी, सिंधु यूथ एसोसिएशन, सहयोग सिंधु विकास मंच, संत कंवर राम बालक मंडली, भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा, झूलेलाल मंदिर विकास समिति, सुखमणि सेवा मंडल नीमच, झूलेलाल बहराना समिति नीमच, सिंन्धु सेवा संघ, सतगुरु साईं गोपालदास प्राथमिक शाला, सिंन्धी सोशल ग्रुप, सिन्धु सेना, सांयकालीन आरती मंडल, श्री गुरुनानक देव सिंधी गुरुद्वारा पंचायत बघाना, झूलेलाल नवयुवक मंडल, आराध्या वेलफेयर सोसाइटी, विश्व सिंधी सेवा संगम सहित 22 समाजसेवी संस्थाओं का सम्मान भी किया गया।

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