मंदसौर ।शिक्षा के क्षेत्र में लगभग चार दशकों तक अपनी अमूल्य सेवाएं देने वाले शिक्षक वर्दीचंद परिहार के सेवानिवृत्त होने पर काकरवां बालाजी परिसर में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 39 वर्ष 9 माह की दीर्घ एवं समर्पित सेवा पूर्ण करने के पश्चात जैसे ही परिहार ने अपनी सेवाओं से विराम लिया, पूरे क्षेत्र में भावनात्मक और गौरवपूर्ण माहौल देखने को मिला।
समारोह में समाजजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यालय के स्टाफ, पूर्व विद्यार्थियों एवं मित्रों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्री परिहार का फूल-मालाओं, साफा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके सरल स्वभाव, अनुशासित कार्यशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न केवल विद्यार्थियों को शिक्षित किया, बल्कि उन्हें संस्कारवान बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ, सुखद जीवन की कामना की। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि श्री परिहार का मार्गदर्शन उन्हें जीवनभर प्रेरित करता रहेगा।
समारोह का माहौल भावुकता से भरा रहा, जहां एक ओर उनके साथ बिताए पलों को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर उनके योगदान को हमेशा याद रखने का संकल्प भी लिया गया। अंत में सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्हें विदाई देते हुए सम्मानपूर्वक उनके नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर रामेश्वर राठौड़,के.सी.सोलंकी,पी.सी.भारती.शंकर लाल पंवार रतनलाल बसेर,किशन जांगड़े,कैलाश कठेरिया, नंदकिशोर सूर्यवंशी सहित विद्यालय स्टाफ, समाजजन उपस्थित थे। यह जानकारी पत्रकार नंदकिशोर सूर्यवंशी ने दी।



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